
हाल ही में हुई एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्टडी ने दिल की बीमारियों (Heart Diseases) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस रिसर्च के अनुसार, हमारी छाती और पीठ की मांसपेशियों (Chest and Back Muscles) की सिर्फ मजबूती ही नहीं, बल्कि उनकी 'गुणवत्ता' या 'घनत्व' सीधे तौर पर हार्ट अटैक के खतरे को कम करने से जुड़ा है। यह स्टडी मांसपेशियों के स्वास्थ्य और दिल की सेहत के बीच के गहरे संबंध को एक नए दृष्टिकोण से उजागर करती है।
एआई स्टडी (AI Study) का नया खुलासा: मांसपेशियों की गुणवत्ता है महत्वपूर्ण
यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग (University of Edinburgh) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस नवीनतम अध्ययन, जिसे 30 जून, 2026 को 'रेडियोलॉजी' (Radiology) नामक जर्नल में प्रकाशित किया गया है, में 1700 से अधिक लोगों के रूटीन हार्ट स्कैन (Heart Scans) का विश्लेषण करने के लिए AI का उपयोग किया गया था. ये लोग मुख्य रूप से पचास के दशक के थे और सीने में दर्द की शिकायत के साथ आए थे. शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों की छाती और पीठ की मांसपेशियों में अधिक 'घनत्व' (Muscle Density) या बेहतर 'गुणवत्ता' (Muscle Quality) थी, उनमें हार्ट अटैक का खतरा काफी कम था, और स्कैन के एक दशक के भीतर उनकी मृत्यु की संभावना भी कम थी.
स्टडी के प्रमुख निष्कर्ष बताते हैं कि मांसपेशियों का आकार (Muscle Size) नहीं, बल्कि उनकी आंतरिक संरचना और घनत्व (Density) ज्यादा मायने रखता है. AI ने स्कैन में मांसपेशियों की 'क्षीणता' (Skeletal Muscle Attenuation) को मापा, जो मांसपेशियों में वसा (Fat) की कम मात्रा और बेहतर गुणवत्ता को दर्शाता है. हर 10-पॉइंट की 'स्कैन ब्राइटनेस' (Scan Brightness) वृद्धि (जो बेहतर गुणवत्ता वाली मांसपेशियों का संकेत है) के साथ, व्यक्ति में हार्ट अटैक का जोखिम 31% कम पाया गया, और स्कैन के 10 साल के भीतर मृत्यु की संभावना 39% कम थी. इस AI विश्लेषण में एक मिनट से भी कम समय लगा. शोधकर्ताओं का मानना है कि उच्च गुणवत्ता वाली कंकाल की मांसपेशियां (Skeletal Muscles) अधिक शारीरिक गतिविधि से जुड़ी होती हैं.
दिल की सेहत (Cardiovascular Health) के लिए मांसपेशियों को मजबूत करने के फायदे
यह नई स्टडी इस बात की पुष्टि करती है कि मांसपेशियों का स्वास्थ्य (Muscle Health) हमारे हृदय प्रणाली (Cardiovascular System) के लिए कितना महत्वपूर्ण है. सिर्फ AI स्टडी ही नहीं, बल्कि कई अन्य शोध भी मांसपेशियों की मजबूती और दिल की बीमारियों के कम जोखिम के बीच संबंध बताते हैं:
- ब्लड प्रेशर नियंत्रण (Blood Pressure Control): शक्ति प्रशिक्षण (Strength Training) रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) के कार्य को बेहतर बनाकर ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है.
- बेहतर कोलेस्ट्रॉल (Better Cholesterol): यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) व ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) को कम करता है.
- रक्त शर्करा प्रबंधन (Blood Sugar Management): मांसपेशियों की अच्छी सेहत रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक है, जो मधुमेह (Diabetes) के रोगियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.
- वजन प्रबंधन (Weight Management): अधिक मांसपेशी द्रव्यमान (Muscle Mass) होने से आराम करते समय भी अधिक कैलोरी (Calories) बर्न होती हैं, जिससे वजन नियंत्रित रहता है और पेट की चर्बी (Belly Fat) कम होती है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.
- मेटाबॉलिक स्वास्थ्य (Metabolic Health): मांसपेशियां एक सक्रिय मेटाबॉलिक ऊतक (Metabolic Tissue) हैं, और इनका स्वास्थ्य समग्र मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है.
- कम तनाव हार्मोन (Reduced Stress Hormones): व्यायाम तनाव हार्मोन को कम करता है जो हृदय पर अतिरिक्त बोझ डाल सकते हैं.
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association - AHA) के अनुसार, शक्ति प्रशिक्षण मांसपेशियों को बनाए रखने और हृदय संबंधी जोखिम कारकों (Cardiovascular Risk Factors) को कम करने में मदद करता है. सप्ताह में 30 से 60 मिनट तक मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करने से दिल की बीमारी से जल्दी मौत का जोखिम 10% से 17% तक कम हो सकता है. 2026 के हार्वर्ड-नेतृत्व वाले एक अध्ययन में, प्रति सप्ताह 90 से 119 मिनट के प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance Training) से हृदय रोग से मृत्यु के जोखिम में 19% की कमी पाई गई.
भारत में दिल के रोगों की बढ़ती चुनौती (Rising Challenge in India)
भारत में हृदय रोगों (Heart Diseases in India) का बढ़ता बोझ एक गंभीर चिंता का विषय है. BM बिड़ला हार्ट हॉस्पिटल (BM Birla Heart Hospital) की 'बीट बाय बीट 2025' रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक स्तर पर 190 से अधिक देशों में होने वाली कुल हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का लगभग 20% हिस्सा है. ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, 2021 (Global Burden of Disease, 2021) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 28.6 लाख (2.86 मिलियन) मौतें हृदय रोग के कारण होती हैं. देश में सभी मौतों में से लगभग 27% हृदय रोग के कारण होती हैं, और इनमें से 62% मौतें (40 से 69 वर्ष की आयु के बीच) समय से पहले होती हैं.
नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑर्गेनाइजेशन (NSO) के 2025 के नवीनतम सर्वेक्षण (Latest Survey) के निष्कर्षों से पता चलता है कि भारत में पिछले सात वर्षों में हृदय रोग से पीड़ित लोगों की संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है. चिंताजनक बात यह है कि 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा भी अब हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं. 2022 में, हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में 12.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे 32,457 लोगों की जान चली गई. इंडियन हार्ट एसोसिएशन (Indian Heart Association) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पुरुषों में आधे हार्ट अटैक 50 साल से कम उम्र में और एक चौथाई 40 साल से कम उम्र में होते हैं.
विशेषज्ञों की राय और अहम विश्लेषण (Expert Opinion & Key Analysis)
यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग की प्रोफेसर मिशेल विलियम्स (Michelle Williams), जो इस स्टडी की लेखिका भी हैं, ने बताया कि 'अच्छी गुणवत्ता वाली मांसपेशियां यह दर्शाती हैं कि व्यक्ति शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय है और नियमित रूप से व्यायाम (Regular Exercise) करता है. यह एक मजबूत प्रमाण है कि व्यायाम हृदय के लिए फायदेमंद है.' उन्होंने स्वयं भी इस खोज से प्रेरित होकर नियमित व्यायाम शुरू कर दिया है. विशेषज्ञ यह भी जोर देते हैं कि मांसपेशियां केवल निष्क्रिय ऊतक (Passive Tissue) नहीं हैं, बल्कि एक बड़ा, सक्रिय मेटाबॉलिक ऊतक (Metabolically Active Tissue) हैं, और उनके स्वास्थ्य को लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है.
इस अध्ययन के परिणाम यह संकेत देते हैं कि मांसपेशियों की गुणवत्ता (Muscle Quality) हृदय रोग के जोखिम को मापने के लिए एक नया 'बायोमार्कर' (Biomarker) बन सकती है. डॉक्टर अब केवल 'ब्लड टेस्ट' (Blood Tests) या 'कोलेस्ट्रॉल' (Cholesterol) के स्तर पर ही ध्यान केंद्रित नहीं करेंगे, बल्कि मांसपेशियों के स्वास्थ्य पर भी जोर देंगे.
अपनी मांसपेशियों को मजबूत कैसे करें? (How to Strengthen Your Muscles?)
दिल की सेहत को बेहतर बनाने के लिए अपनी मांसपेशियों को मजबूत करना बेहद जरूरी है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन (American College of Sports Medicine) दोनों ही एरोबिक व्यायाम (Aerobic Exercise) के साथ-साथ शक्ति प्रशिक्षण (Strength Training) को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं.
- प्रतिरोध प्रशिक्षण (Resistance Training): सप्ताह में कम से कम दो बार बड़े मांसपेशी समूहों (Major Muscle Groups) पर ध्यान केंद्रित करें. इसमें वजन उठाना (Weight Lifting), रेसिस्टेंस बैंड (Resistance Bands) का उपयोग करना, या बॉडीवेट एक्सरसाइज (Bodyweight Exercises) जैसे पुश-अप (Push-ups), स्क्वैट्स (Squats), लंजेस (Lunges) शामिल हैं.
- नियमित शारीरिक गतिविधि (Regular Physical Activity): टहलना, साइकिल चलाना, तैरना जैसे एरोबिक व्यायाम भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं.
- संतुलित आहार (Balanced Diet): स्वस्थ आहार (Healthy Diet) के साथ व्यायाम का संयोजन दिल के लिए सबसे अधिक फायदेमंद होता है.
- मध्यम आयु में शुरुआत: मांसपेशियों का द्रव्यमान (Muscle Mass) 30 के दशक के मध्य से कम होना शुरू हो जाता है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, शक्ति प्रशिक्षण शुरू करना महत्वपूर्ण है.
यह नई जानकारी हमें दिखाती है कि दिल की बीमारियों से बचाव के लिए मांसपेशियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना आवश्यक है. अपनी जीवनशैली (Lifestyle) में बदलाव लाकर और नियमित व्यायाम (Regular Exercise) को शामिल करके, हम अपने दिल को मजबूत और स्वस्थ रख सकते हैं.
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